Aaj tere liye…

आज तेरे लिए ⌛ वक़्त का इशारा है,
देखता ये जहां सारा ? है,
फिर भी तुझे रास्तों ?️ कि तालाश है,
आज फिर तुझे मंजिलों ? ने पुकारा है..!!

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Hunar Bolte hai…

परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन,
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं,
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
जमाने में ज़िनके हुनर बोलते हैं…!!

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