Dil ki aawaz…


दिल कि आवाज़ को इज़हार केहते हैं,
झुकी नज़र को इकरार केहते हैं,
सिर्फ पाने का नाम इश्क़ नहीं,
कुछ खोने को भी प्यार कहती हैं

Nazre karam mujh pe itna na kar…


नज़रे करम मुझ पर इतना न कर,
की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।