Hunar Bolte hai…


परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन,
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं,
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
जमाने में ज़िनके हुनर बोलते हैं…!!

Dost purane mere…


अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे..!!

Hifazat…


जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता,
मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता,
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता..!!

Aaj bhi…


बिना बादल बरसात नहीं होती,
सूरज डूबे बिना रात नहीं होती,
और प्यार तो हम आज भी उनसे करते हैं,
बेशक हमारी मुलाकात नही होती…!!